Summer express/चंबा-: जनजातीय क्षेत्र भरमौर में स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (LADA) के तहत जारी धनराशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। RTI एक्टिविस्ट प्यार मोहम्मद और अधिवक्ता भानुप्रताप ने विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने और मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। चंबा के होटल इरावती में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्ट्रीट लाइटों, जिम और पुलिस के लिए लगाए गए CCTV कैमरों से संबंधित कार्यों पर सवाल उठाए।
स्ट्रीट लाइटों की संख्या और खर्च का हिसाब मांगा
प्यार मोहम्मद और भानुप्रताप ने भरमौर में LADA के तहत लगाई गई स्ट्रीट लाइटों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि लाइटें लगाने के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितनी लाइटें स्थापित की गईं और खरीद व स्थापना पर कितना खर्च किया गया। उन्होंने मौके पर अपेक्षित संख्या में लाइटें नजर नहीं आने का दावा करते हुए संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
जिम के निर्माण और उपकरणों का हो सत्यापन
पत्रकार वार्ता में भरमौर में स्थापित जिम का मामला भी उठाया गया। दोनों ने जिम के लिए स्वीकृत बजट, निर्माण कार्य, उपकरणों की खरीद और कुल खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही जिम में उपलब्ध सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करवाने की बात कही, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
CCTV कैमरों की कार्यशीलता पर भी सवाल
पुलिस व्यवस्था के लिए लगाए गए CCTV कैमरों को लेकर भी जानकारी मांगी गई। उन्होंने कैमरों की कुल संख्या, स्थापना पर हुए खर्च, भुगतान और वर्तमान में कितने कैमरे काम कर रहे हैं, इसका विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
कार्यवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग
दोनों ने प्रशासन से LADA के तहत स्वीकृत और पूरे किए गए सभी विकास कार्यों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें स्वीकृत राशि, वास्तविक खर्च, संबंधित विभाग और कार्यों की वर्तमान स्थिति का विवरण शामिल करने की बात कही गई।उन्होंने कहा कि यदि जांच में रिकॉर्ड और धरातल पर किए गए कार्यों में अंतर पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब संबंधित विभाग और प्रशासन के जवाब का इंतजार है। मामले में जांच और रिकॉर्ड सार्वजनिक होने के बाद ही खर्च तथा विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।