Summer express, सुंदर कुंडू, पलवल। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से ब्राह्मण धर्मशाला में तीन दिवसीय जिला स्तरीय बाल महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारंभ एसडीएम भूपेंद्र सिंह और नगराधीश प्रीति रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी सिंह भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बाल महोत्सव का उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और उसे प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। पलवल जिले के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ अन्य गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी सिंह ने बताया कि बाल महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें समूह नृत्य, एकल नृत्य, मिट्टी से मॉडल बनाना, देशभक्ति समूह गीत, पोस्टर निर्माण, वेशभूषा प्रतियोगिता, कार्ड निर्माण, एकल गायन, मौके पर चित्रांकन, भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, एकांकी नाटक, रंगमंच, सुलेख, अभिनय, दीया सजावट, मोमबत्ती सजावट, थाली पूजन, कलश सजावट, मनोरंजक खेल, एकल शास्त्रीय नृत्य, रंगोली, हरियाणवी रागनी और मेहंदी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की आयु और कक्षा के अनुसार प्रतियोगिताओं के लिए चार समूह बनाए गए हैं। पहले समूह में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी, दूसरे में छठी से आठवीं कक्षा तक, तीसरे में नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थी तथा चौथे समूह में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी शामिल हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने का अवसर देना है।
पिंकी सिंह ने कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। इस तरह के आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले विद्यार्थियों को 14 नवंबर 2026 को बाल दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर द्वारा प्रदान किए जाएंगे।