Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। हरियाणा में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली और वादों पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अंबाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रतीकात्मक गुब्बारे को फोड़कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने दो साल के कार्यकाल में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने सरकारी नौकरियों, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली लाडो लक्ष्मी योजना, बिजली के निजीकरण और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
प्रदर्शन के दौरान सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन प्रदेश के लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह हरियाणा की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय पंजाब की राजनीति में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मुलाना ने कहा कि पंजाब में बुलेट ट्रेन चलाने की बातें की जा रही हैं, जबकि हरियाणा में यात्री रेल सेवाएं बंद होने की स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पिछले दो वर्षों में कितनी सरकारी नौकरियां दी गईं और उनमें कितने हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिला।
कांग्रेस सांसद ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब इस राशि में से सावधि जमा (एफडी) कराने की बात कर रही है। मुलाना ने सवाल किया कि महिलाओं ने सहायता राशि की एफडी कराने की मांग कब की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ग परेशान है और सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने पार्टी को ‘भारतीय जुमला पार्टी’ करार दिया।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी वरुण मुलाना ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस लगातार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची से उन्हीं लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो घुसपैठिये हैं। इस पर मुलाना ने सवाल किया कि सरकार उन कथित घुसपैठियों की पहचान सार्वजनिक करे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, और बताए कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सवाल निर्वाचन आयोग से कर रही है, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे दोनों के बीच मिलीभगत की आशंका पैदा होती है।
बिजली क्षेत्र के निजीकरण के मुद्दे पर भी वरुण मुलाना ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करती है। ऐसे में निजीकरण के मामले में अदालत जाने की बात कहकर भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए रोजगार, महिला कल्याण, बिजली व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। वहीं, सांसद वरुण मुलाना ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने के बजाय राजनीतिक दावों और वादों में उलझी हुई है।