देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुख-शांति, करुणा और विश्व कल्याण की कामना की
Summer express/राहुल चावला, मैक्लोडगंज-:परम पावन 14वें दलाई लामा की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए बुधवार को मैक्लोडगंज स्थित दलाई लामा मंदिर में विशेष प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान तिब्बती समुदाय के लोगों सहित भारत और विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने परम पावन के लंबे जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और समस्त प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। समारोह में शामिल लोगों ने प्रेम, करुणा और शांति का संदेश देते हुए दलाई लामा के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान व्यक्त किया।
दलाई लामा से सीखने की दुनिया को जरूरत
प्रार्थना समारोह में शामिल होने वियतनाम से पहुंचे हैप्पी ने कहा कि धर्मशाला में पहली बार आकर उन्हें बेहद सम्मान और कृतज्ञता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने परम पावन दलाई लामा और सभी बौद्ध भिक्षुओं के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। उन्होंने कहा कि दलाई लामा का लंबे समय तक जीवित रहना जरूरी है, ताकि दुनिया भर के लोग उनसे आत्मसंयम, दयालुता और बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा ले सकें। उनके अनुसार, दलाई लामा की शिक्षाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
तिब्बती संस्कृति को संरक्षित रखने की जताई इच्छा
वियतनाम की अमांडा ने कहा कि परम पावन की दीर्घायु के लिए आयोजित प्रार्थना में शामिल होना उनके लिए खुशी और सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने कामना की कि दलाई लामा लंबे समय तक जीवित रहकर सभी सचेतन प्राणियों के कल्याण के लिए अपना मार्गदर्शन देते रहें। उन्होंने तिब्बत की आजादी और तिब्बती संस्कृति, परंपराओं तथा विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने की इच्छा भी व्यक्त की।
दुनिया को प्रेम और करुणा के संदेश की जरूरत
फ्रांस से पहुंचीं वैलेरी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया को परम पावन दलाई लामा के प्रेम और करुणा के संदेश की बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा अपनी शिक्षाओं और कार्यों से अनगिनत लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। नोरबुलिंगका और तिब्बती इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (टीआईपीए) द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना समारोह में शामिल होना उनके लिए आशीर्वाद से भरा अनुभव रहा।
भारतीय श्रद्धालुओं ने भी जताई प्रसन्नता
राजस्थान से धर्मशाला पहुंचीं हिमांशी गुर्जर ने कहा कि दलाई लामा मंदिर में आकर उन्हें मानसिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने तिब्बती संस्कृति और स्थानीय लोगों के मिलनसार व्यवहार की सराहना की। वहीं, प्रियंशु गुर्जर ने परम पावन दलाई लामा के साक्षात दर्शन को अपने परिवार के लिए सौभाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने प्रार्थना सभा के अनुशासित आयोजन और मैक्लोडगंज के सकारात्मक पर्यटन माहौल की प्रशंसा की।समारोह ने विभिन्न देशों और क्षेत्रों से आए लोगों को एक मंच पर जोड़ते हुए शांति, सद्भाव, करुणा और मानव कल्याण का संदेश दिया।