मुख्य शिक्षक के 120 और केंद्र मुख्य शिक्षक के 60 पद खाली, वित्तीय लाभ लंबित होने पर भी जताई नाराजगी
Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: जिला कांगड़ा प्राथमिक शिक्षक संघ ने लंबित पदोन्नतियों, वित्तीय लाभों और विभागीय कार्यों में हो रही देरी के विरोध में शिक्षा विभाग के उपनिदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला कांगड़ा प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष कुलदीप पठारिया ने बताया कि संघ ने 23 सितंबर को उपनिदेशक कार्यालय को पत्र लिखकर लंबित मामलों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने का आग्रह किया था। संघ चाहता था कि बातचीत के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं का समाधान निकाला जाए। हालांकि, 15 अक्टूबर तक कार्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद संघ ने 15 अक्टूबर को नोटिस जारी कर चेतावनी दी कि यदि 19 अक्टूबर तक वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया, तो 21 अक्टूबर को कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक की तारीख और प्रतिनिधित्व पर जताई आपत्ति
कुलदीप पठारिया के अनुसार, 19 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 57 मिनट पर उनके व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बैठक चार नवंबर को निर्धारित किए जाने की सूचना दी गई। उन्होंने बैठक की तारीख काफी आगे रखने पर नाराजगी जताई। साथ ही आरोप लगाया कि बैठक में खंडों के महासचिवों और कोषाध्यक्षों को शामिल नहीं किया गया। इससे संघ के पदाधिकारियों के मान-सम्मान को ठेस पहुंची है। संघ का कहना है कि शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है।
जिले में 180 पद खाली, पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल
शिक्षक संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी को प्रमुख मुद्दा बताया। पठारिया ने कहा कि मुख्य शिक्षक के पदों पर पदोन्नति करीब आठ महीने से लंबित है। इसके चलते जिला कांगड़ा में मुख्य शिक्षक के 120 और केंद्र मुख्य शिक्षक के 60 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी का एक पद भी रिक्त है।उन्होंने कहा कि लंबे समय से पद खाली रहने के कारण विभागीय व्यवस्था और शिक्षकों के कार्यों पर असर पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि पदोन्नति से संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि रिक्त पदों को भरा जा सके और विभागीय कामकाज सुचारू रूप से चल सके।
कॉम्प्लेक्स सिस्टम के आदेशों पर भी उठाए सवाल
संघ अध्यक्ष ने 23 सितंबर 2025 को जारी कॉम्प्लेक्स सिस्टम की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि इसमें खंड शिक्षा अधिकारियों की शक्तियां बरकरार रखी गई हैं। इनमें तबादला आदेश जारी करने की शक्तियां भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य जिलों में खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से तबादला आदेश जारी किए जा रहे हैं, जबकि कांगड़ा में इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर सीधे प्रिंसिपल के माध्यम से आदेश जारी करवाए जा रहे हैं। इससे प्राथमिक शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
80 तक वित्तीय मामले लंबित होने का दावा
पठारिया ने बताया कि जिले के 23 खंडों में शिक्षकों के लगभग 70 से 80 वित्तीय लाभों से जुड़े मामले पिछले तीन महीनों से लंबित हैं। उन्होंने कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फोन पर संपर्क करने पर शिक्षकों को उचित जवाब नहीं मिलता।
बैठक का बहिष्कार और अनशन की चेतावनी
संघ अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि चार नवंबर को प्रस्तावित बैठक इसी सप्ताह आगे नहीं की गई और उसमें खंडों के महासचिवों व कोषाध्यक्षों को शामिल नहीं किया गया, तो संघ बैठक के बहिष्कार का पत्र देकर बैठक का बहिष्कार करेगा। उन्होंने कहा कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज किया जाएगा और संघ अनशन करने के लिए भी बाध्य हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी उपनिदेशक कार्यालय की होगी।