Summer express/ऊना, राकेश -:रोजगार की तलाश में विदेश गए ऊना के युवक जसवंत के लिए आखिरकार अपनों के बीच लौटने की राह आसान हो गई।हिमाचल प्रदेश के कुठारबीत गांव का रहने वाला जसवंत बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर अर्मेनिया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गया।उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसके लिए चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया।परिवार ने बड़ी मुश्किल से पैसे जुटाकर जसवंत को विदेश भेजा था। बेटे की बीमारी की खबर मिलने के बाद परिजनों ने लोगों की मदद से विदेश में उसका इलाज करवाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज का खर्च अधिक होने के कारण मुश्किलें बढ़ती चली गईं। ऐसे में परिवार ने जसवंत को वापस भारत लाने के लिए हर संभव स्तर पर मदद की गुहार लगाई।
इसी दौरान परिजनों ने समाजसेवी एवं भाजपा नेता पुनीत मोदगिल से संपर्क किया और अपनी परेशानी उनके सामने रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुनीत मोदगिल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के समक्ष यह मुद्दा उठाया। इसके बाद अर्मेनिया स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने भी जसवंत की स्थिति और उसकी कंपनी से संबंधित जानकारी जुटाई।पुनीत मोदगिल के अनुसार, वह 17 अक्टूबर को जसवंत को भारत वापस लाने के लिए अर्मेनिया रवाना हुए थे। वहां उसकी स्थिति का जायजा लेने और चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्होंने उसे भारत लाने का फैसला किया। चार दिन बाद जसवंत को लेकर वह उसके गांव कुठारबीत पहुंचे।जसवंत के घर पहुंचने पर परिवार की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। वहीं, ग्रामीणों और हरोली विधानसभा क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने पुनीत मोदगिल का स्वागत किया। लंबे समय से बेटे की वापसी का इंतजार कर रही मां के लिए यह पल किसी बड़ी राहत से कम नहीं था।
पुनीत मोदगिल ने बताया कि अब जसवंत के बेहतर उपचार के लिए उसे एम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में चेकअप करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सक्षम लोगों से भी जसवंत के इलाज में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवार की सहायता करना उनके लिए एक सामाजिक और मानवीय दायित्व है।
वहीं, अपने बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाने और घर तक पहुंचाने में मदद मिलने से जसवंत के परिजनों ने पुनीत मोदगिल का दिल से आभार जताया है। परिजनों का कहना है कि बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने कई जगह मदद की गुहार लगाई थी। जब उन्होंने पुनीत मोदगिल से संपर्क किया, तो उन्होंने जसवंत को विदेश से वापस लाने का भरोसा दिया।आज उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आया है, जिससे पूरे परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने कहा कि इस मुश्किल समय में मिली मदद को वे हमेशा याद रखेंगे और इसके लिए पुनीत मोदगिल के आभारी रहेंगे।