Summer express, नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित ब्याज पाने की योजना बना रहे लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट एक विकल्प है। इस सरकारी बचत योजना में निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार एक, दो, तीन या पांच साल की अवधि के लिए पैसा जमा कर सकते हैं। इसमें शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर ब्याज पर नहीं पड़ता। अगर आप तीन साल की पोस्ट ऑफिस एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो जमा राशि, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाले रिटर्न का पूरा गणित समझना जरूरी है।
क्या है पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट योजना?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (पीओटीडी) केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है। इसमें निर्धारित अवधि के लिए एकमुश्त रकम जमा की जाती है और लागू नियमों के अनुसार तय ब्याज मिलता है। इस योजना को सरकारी समर्थन प्राप्त है, इसलिए यह उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो बाजार आधारित निवेश के बजाय अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं।
इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से खाता खोला जा सकता है। अधिकतम जमा राशि की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। निवेश करने से पहले संबंधित अवधि की मौजूदा ब्याज दर और योजना की शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।
अलग-अलग अवधि पर कितना मिलता है ब्याज?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश की अवधि के अनुसार ब्याज दर अलग-अलग होती है। उपलब्ध कराई गई दरों के अनुसार ब्याज इस प्रकार है:
- एक साल की जमा पर 6.90 प्रतिशत सालाना ब्याज
- दो साल की जमा पर 7.00 प्रतिशत सालाना ब्याज
- तीन साल की जमा पर 7.10 प्रतिशत सालाना ब्याज
- पांच साल की जमा पर 7.50 प्रतिशत सालाना ब्याज
ये ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए निवेश का फैसला लेने से पहले डाकघर या इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू दर की पुष्टि कर लें।
तीन साल में ₹5 लाख पर कितना बनेगा रिटर्न?
यदि कोई निवेशक तीन साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में एकमुश्त 5 लाख रुपये जमा करता है और 7.10 प्रतिशत सालाना ब्याज दर लागू होती है, तो संभावित रिटर्न की गणना इस प्रकार होगी:
- कुल निवेश: 5,00,000 रुपये
- सालाना ब्याज दर: 7.10 प्रतिशत
- निवेश की अवधि: तीन साल
- अनुमानित कुल ब्याज: करीब 1,18,304 रुपये
- मैच्योरिटी पर कुल रकम: करीब 6,18,304 रुपये
इस गणना के मुताबिक, तीन साल की अवधि पूरी होने पर पांच लाख रुपये की जमा राशि बढ़कर लगभग 6.18 लाख रुपये हो सकती है। इसमें करीब 1.18 लाख रुपये ब्याज के रूप में शामिल होंगे। वास्तविक भुगतान लागू ब्याज दर, ब्याज की गणना के नियमों और योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा।
टैक्स छूट का क्या है नियम?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की सभी अवधियों पर आयकर छूट का लाभ नहीं मिलता। सामान्य नियमों के अनुसार, पांच साल की पात्र टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर पुरानी कर व्यवस्था के तहत आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत निर्धारित सीमा तक कटौती का दावा किया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना है, जो अन्य पात्र निवेशों और भुगतानों को मिलाकर लागू होती है।
वहीं, तीन साल की टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर धारा 80सी के तहत यह कटौती उपलब्ध नहीं होती। कर लाभ आपकी चुनी हुई कर व्यवस्था और लागू आयकर नियमों पर भी निर्भर करता है। इसलिए निवेश करने से पहले ब्याज दर, कर संबंधी नियम और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन जरूर करें।