Summer express, फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने कार्रवाई करते हुए गांव मुजेरी की राजस्व संपदा में विकसित की जा रही करीब चार एकड़ की अनधिकृत कॉलोनी में तोड़फोड़ की। विभाग की टीम ने बुलडोजर की मदद से 10 डीपीसी, दो पक्के निर्माण और दो चारदीवारी ध्वस्त कर दीं। इसके अलावा प्लॉटों तक पहुंचने के लिए बनाए गए कच्चे रास्तों को भी हटा दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाना है।
जानकारी के अनुसार, मुजेरी गांव में करीब चार एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटने के साथ लोगों की आवाजाही के लिए कच्चे रास्ते तैयार किए गए थे। कुछ प्लॉटों पर मकान निर्माण की शुरुआती तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। सूचना मिलने के बाद जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों तथा प्लॉटिंग के लिए तैयार किए गए ढांचों को हटाया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने 10 प्लॉटों पर बनाई गईं डीपीसी को तोड़ा। इसके साथ ही दो पक्के निर्माण और दो चारदीवारी भी ध्वस्त की गईं। डीपीसी यानी डैम्प प्रूफ कोर्स मकान के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ऐसी परत है, जो जमीन की नमी को दीवारों तक पहुंचने से रोकने में मदद करती है। प्लॉटों पर डीपीसी का निर्माण होना इस बात का संकेत था कि वहां मकान बनाने की शुरुआती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। विभाग ने इन ढांचों को हटाकर अनधिकृत निर्माण गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया।
कॉलोनी में प्लॉटों तक पहुंचने के लिए बनाए गए कच्चे रास्तों को भी मशीनों से खत्म कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, अवैध कॉलोनियों में जमीन को प्लॉटों में बांटकर और रास्ते बनाकर विकसित क्षेत्र के रूप में दिखाने की कोशिश की जाती है। ऐसे निर्माणों को हटाने का उद्देश्य बिना जरूरी अनुमति के कॉलोनी विकसित करने की गतिविधियों को रोकना है।
जिला नगर योजनाकार (इंफोर्समेंट) अधिकारी यजन चौधरी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने या मकान बनाने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। उन्होंने कहा कि केवल सड़क, चारदीवारी या अन्य शुरुआती सुविधाएं देखकर जमीन खरीदने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। खरीदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित कॉलोनी विकसित करने की अनुमति है और निर्माण के लिए आवश्यक मंजूरियां प्राप्त हैं।
अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों को भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी जमीन पर निर्माण की अनुमति मिलने में दिक्कत, बुनियादी सुविधाओं की कमी और संपत्ति से जुड़े विवाद पैदा हो सकते हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने लोगों को प्लॉट खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच करने और संबंधित अधिकारियों से जमीन की कानूनी स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।