शिमला के कृष्णानगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की शिरकत, वाल्मीकि मंदिर में चांदी का मुकुट चढ़ाकर लिया आशीर्वाद
शिमला, संजू-: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर राजधानी शिमला के कृष्णानगर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान समर्थकों ने मुख्यमंत्री को 65 किलो लड्डुओं से तोलकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि मंदिर में चांदी का मुकुट चढ़ाया और शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि समुदाय के पात्र परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत की।
पात्र परिवारों को मिलेंगे तीन लाख रुपये
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ढाई लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले पात्र वाल्मीकि परिवारों को अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास निर्माण में सहयोग देना और उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर उपलब्ध करवाना है। योजना से पात्र परिवारों को अपना घर बनाने में आर्थिक मदद मिलेगी।
28 नवंबर तक मकानों की गणना का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कृष्णानगर क्षेत्र में मकानों की गणना करवाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि इस कार्य को 28 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मकानों की गणना के माध्यम से क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने उनके जीवन और शिक्षाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का संदेश देता है कि व्यक्ति अपने कर्मों, विचारों और दृढ़ संकल्प से महान बन सकता है। उनकी शिक्षाएं समाज को सत्य, ज्ञान और सद्कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।मुख्यमंत्री ने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, समानता तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।