Summer express, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मध्यावधि चुनावों को अपनी सरकार के लिए अहम परीक्षा बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी जीतती है, तो अमेरिका को 1929 जैसी गंभीर आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। मिसिसिपी में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने रिपब्लिकन मतदाताओं से पार्टी के समर्थन में मतदान करने की अपील की। इस दौरान ट्रंप ने कम कर, नकद भुगतान, सख्त आव्रजन कानून और ईरान के साथ जारी संघर्ष को जल्द समाप्त करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
ट्रंप ने अपने प्रशासन के कामकाज का बचाव करते हुए निवेश, अपराध में कमी, विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश किया। उन्होंने कनाडा की व्यापार नीतियों की भी आलोचना की। राष्ट्रपति ने वादा किया कि यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में अपना बहुमत बनाए रखती है, तो प्रत्येक वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर दिए जाएंगे।
हर वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर देने का वादा
कोरिंथ के क्रॉसरोड्स एरिना में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स की जीत अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि आयात शुल्क से होने वाली आमदनी और आर्थिक विकास के जरिए नकद भुगतान की योजना के लिए धन जुटाया जा सकता है। उनके अनुमान के मुताबिक, इस योजना पर करीब एक लाख करोड़ डॉलर खर्च हो सकते हैं।
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित राशि का वितरण किस तरह होगा, इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होगी या नहीं और यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा कि पैसा अमेरिका के भीतर ही खर्च हो। फिलहाल यह उनकी चुनावी घोषणा है, किसी स्वीकृत संघीय भुगतान योजना का हिस्सा नहीं है।
यह रैली रिपब्लिकन सीनेटर सिंडी हाइड-स्मिथ के समर्थन में आयोजित की गई थी, जिनका मुकाबला चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलोम से बताया गया। मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स, हाइड-स्मिथ और अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। नेताओं ने मतदाताओं से चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
मध्यावधि चुनाव से तय होगा कांग्रेस पर नियंत्रण
ट्रंप ने स्वीकार किया कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों की पार्टी को आमतौर पर मध्यावधि चुनावों में नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि इस चुनाव को ऐसे देखें, जैसे राष्ट्रपति स्वयं उम्मीदवार हों। उन्होंने पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन समर्थक माने जाने वाले राज्यों के मतदाताओं को भी लापरवाही न बरतने की सलाह दी।
3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से यह तय होगा कि प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। इसका असर ट्रंप के कार्यकाल के शेष दो वर्षों में कर व्यवस्था, आव्रजन, सरकारी खर्च, व्यापार और अन्य नीतियों से जुड़े विधेयकों को पारित कराने की उनकी क्षमता पर पड़ेगा। यदि डेमोक्रेट्स किसी सदन में बहुमत हासिल करते हैं, तो प्रशासन के विधायी एजेंडे में बाधाएं आ सकती हैं और सरकारी कामकाज पर कांग्रेस की निगरानी बढ़ सकती है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव
अपने भाषण में ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसैनिक, हवाई और परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई से पहले ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान के 159 नौसैनिक जहाज नष्ट किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में उसके लड़ाकू विमान निष्क्रिय हो गए हैं। उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य सहित ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर अमेरिकी नियंत्रण का भी दावा किया। ये आंकड़े और सैन्य सफलता से जुड़े बयान राष्ट्रपति के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
ट्रंप ने कहा कि संघर्ष समाप्त होने के बाद ऊर्जा की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। उन्होंने माना कि सैन्य अभियान के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका थी, लेकिन उनके अनुसार हालात अनुमान से बेहतर रहे हैं।