Summer express,मुंबई। भारतीय रुपये में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले डॉलर में मजबूती का असर घरेलू मुद्रा पर पड़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.17 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 95.11 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी और रुपया फिर कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर कारोबार करने लगा। इससे पहले सोमवार को रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 22 पैसे टूटकर 95.15 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये में कुल 77 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है।
डॉलर सूचकांक में भी मजबूती
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत बढ़कर 101.86 पर पहुंच गया। बाजार में डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से घरेलू मुद्रा को कुछ समय के लिए सहारा मिला, लेकिन कमजोर शेयर बाजार और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण गिरावट को पूरी तरह रोका नहीं जा सका।
कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 0.91 प्रतिशत गिरकर 114.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, कीमतें छह महीने के उच्च स्तर के करीब बनी हुई थीं। विश्लेषकों के अनुसार, सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के नेतृत्व में हुए हमलों के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी है। कच्चे तेल की महंगी कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।
शेयर बाजार में भी गिरावट
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 126.16 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,480.59 अंक पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 47.30 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,706.30 अंक पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय बाजार से शुद्ध रूप से 1,462.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले कारोबारी सत्रों में रुपये और शेयर बाजार की दिशा पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।