Summer express,कैथल (बलिंदर कुमार)। दिवाली के त्योहार को देखते हुए कैथल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की ओर से दूध, घी, पनीर और दूध से बनी मिठाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में कैथल और कलायत सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 57 नमूने लिए गए हैं। इनमें से आठ नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिनमें तीन नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
खाद्य सुरक्षा निरीक्षक डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि पहले विभाग का मुख्य ध्यान दूध, पनीर और घी से बनी खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच पर था। अब दिवाली के मद्देनजर लड्डू, पेड़ा, बर्फी और मिल्क केक जैसी मिठाइयों की भी विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
डॉ. अभिषेक शर्मा के अनुसार, पिछले दिनों कलायत में विभाग ने बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 900 किलोग्राम पनीर और 5,000 लीटर दूध मिला था। मौके पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई करता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के मिठाई विक्रेताओं और दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि पैकिंग वाले मिठाई के डिब्बों पर समाप्ति तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि, जहां लागू हो, स्पष्ट रूप से अंकित की जाए। इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और उपयोग अवधि की जानकारी मिल सकेगी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अलग-अलग उल्लंघनों के लिए विभिन्न दंड का प्रावधान है। खाद्य पदार्थ मानकों से कम गुणवत्ता के पाए जाने पर संबंधित मामले में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, गलत ब्रांडिंग और उपभोक्ताओं को गुमराह करने जैसे मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग जुर्माने लगाए जा सकते हैं।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय दुकानदार का भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस जरूर जांचें। यदि कोई दुकानदार बिना आवश्यक लाइसेंस के खाद्य कारोबार करता दिखाई दे, तो इसकी शिकायत विभाग को दी जा सकती है। विभाग ने लोगों से त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की खरीद में सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।