Summer express, अंकुर कपूर, चंडीगढ़। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं और उनका सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वह उचित नहीं है। गंगवा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसी तरह की बयानबाजी करवा रहे हैं।
गंगवा ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक देश और प्रदेश में सत्ता में रही, लेकिन अब जनता ने उसे नकार दिया है। इसी कारण विपक्ष बौखलाहट में है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है। उनके अनुसार, देश में 12 बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुआ।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों में दोहरे नामों और मृत व्यक्तियों के नामों की जांच की जाती है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र संस्था बताते हुए कहा कि वह किसी सरकार के आदेश पर काम नहीं करता। गंगवा ने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने वर्ष 2024 के हरियाणा लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस ने भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर संविधान को खतरा होने की बात कहकर लोगों में आशंका पैदा करने की कोशिश की थी। गंगवा के अनुसार, अब भी विपक्ष इसी तरह की बयानबाजी कर रहा है।
एक नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए गंगवा ने कहा कि त्योहारों के मौसम में व्यापारियों को अपने कारोबार पर असर पड़ने की चिंता है। उन्होंने कहा कि रैली के कारण बाजारों में व्यापार प्रभावित हो सकता है। साथ ही, उन्होंने 1984 में सिखों के खिलाफ हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस ने रैली के लिए एक नवंबर की तारीख ही क्यों चुनी।