Summer express,मुंबई। उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। कंपनी यह राशि गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करके निजी प्लेसमेंट के माध्यम से जुटाएगी। इस बीच कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि कंपनी के निदेशक मंडल ने 15,000 करोड़ रुपये तक के सूचीबद्ध, सुरक्षित या असुरक्षित और रिडीमेबल गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह राशि एक या अधिक चरणों में निजी प्लेसमेंट के जरिए जुटाई जा सकेगी।
कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों के अनुसार, उसका समेकित शुद्ध मुनाफा बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 18,165 करोड़ रुपये था। इस तरह मुनाफे में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कंपनी के परिचालन से प्राप्त राजस्व में भी मजबूत वृद्धि हुई है। सितंबर तिमाही में यह 29 प्रतिशत बढ़कर 3.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2.58 लाख करोड़ रुपये था। तेल से रसायन कारोबार और डिजिटल सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन को इस वृद्धि का प्रमुख आधार माना गया है।
तिमाही के दौरान कंपनी का एबिटा भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, एबिटा मार्जिन 17.2 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 17.8 प्रतिशत था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कंपनी के विभिन्न कारोबारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के विविध कारोबार और मजबूत परिचालन व्यवस्था ने बाहरी चुनौतियों के बीच कारोबार को स्थिर बनाए रखने में मदद की है।
