कांग्रेस सरकार पर बरसे राकेश जम्वाल
शिमला-: भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कृष्णा डायग्नोस्टिक्स की जांच सेवाएं प्रभावित होने पर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार की वित्तीय अव्यवस्था और लचर व्यवस्था का खामियाजा प्रदेश के आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मुफ्त जांच की सुविधा बंद होना बेहद चिंताजनक है।
जम्वाल ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार करीब 110 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के चलते कंपनी ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सैंपल कलेक्शन सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जो सरकारी अस्पतालों में सस्ती अथवा मुफ्त जांच की सुविधा पर निर्भर हैं। अब उन्हें मजबूरी में निजी प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ सकता है, जहां जांच का खर्च आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में शुरू की गई जनहितकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को जारी रखना वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार की लापरवाही के कारण ऐसी सुविधाओं में रुकावट आना जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है।भाजपा नेता ने कहा कि मामला केवल कंपनी के भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। आईजीएमसी शिमला समेत कई सरकारी अस्पतालों में सामान्य जांच सेवाएं प्रभावित होने और कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कंपनी का कितना भुगतान बकाया है, कर्मचारियों को वेतन कब मिलेगा और मरीजों को निर्बाध जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि एक ओर प्रदेश के अस्पतालों में जांच सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं और कर्मचारियों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी संसाधनों के राजनीतिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करनी चाहिए। जनता के स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से बढ़कर कोई राजनीतिक आयोजन नहीं हो सकता।उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि कृष्णा डायग्नोस्टिक्स के साथ भुगतान विवाद का तत्काल समाधान किया जाए, कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और सभी प्रभावित अस्पतालों में जांच सेवाएं जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ बहाल की जाएं।