Summer express, हिसार। पंचकूला के एक स्कूल में KG की बच्ची पर तीसरी कक्षा के छात्र द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बाद हिसार पुलिस ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने स्कूल प्रबंधन के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए CCTV कैमरे चालू रखने, खाली कमरों में ताला लगाने और विद्यार्थियों की हर समय निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों की जिम्मेदारी केवल बच्चों को शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने या घटना को छिपाने का प्रयास करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में स्कूलों को 10 प्रमुख सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत स्कूल परिसर के गलियारों, सीढ़ियों, प्रवेश द्वार और खाली कमरों के बाहर CCTV कैमरे चालू रखने होंगे। कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप भी सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर घटनाओं की जांच की जा सके।
एडवाइजरी में कक्षाओं, खेल मैदान और स्कूल के अन्य हिस्सों में बच्चों की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ने और वॉशरूम के आसपास भी उचित निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूल के प्रत्येक फ्लोर और हिस्से में शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी स्पष्ट रूप से निर्धारित करनी होगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय रहे।
पुलिस ने बच्चों के बीच होने वाली मारपीट, धमकी और बुलिंग यानी प्रताड़ना की शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा है। ऐसी कोई शिकायत मिलने पर स्कूल प्रबंधन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी और संबंधित अभिभावकों को भी जानकारी देनी होगी। यदि कोई बच्चा डर, परेशानी या प्रताड़ना की बात बताता है तो उसकी शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल जांच की जानी चाहिए।
स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। गार्ड और चपरासी की जिम्मेदारियां तय करनी होंगी तथा सत्यापन के बिना किसी भी बच्चे को स्कूल परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, स्टोर रूम और ऐसे खाली कमरों को बंद रखने को कहा गया है, जहां निगरानी की उचित व्यवस्था नहीं है। इन स्थानों पर विद्यार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
एडवाइजरी में विद्यार्थियों के व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की बात कही गई है। स्कूलों को बच्चों को गुस्से पर नियंत्रण रखने, अनुशासन बनाए रखने और एक-दूसरे का सम्मान करने के लिए जागरूक करना होगा। जरूरत पड़ने पर चाइल्ड काउंसलर की सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी विद्यार्थी के व्यवहार में अचानक बदलाव या आक्रामकता दिखाई देने पर उसके अभिभावकों को तुरंत सूचित करना होगा।
इसके साथ ही स्कूलों को किसी हादसे या चोट की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन योजना तैयार रखनी होगी। प्राथमिक उपचार, अस्पताल तक पहुंच और पुलिस को तत्काल सूचना देने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करनी होगी।
एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित महसूस होना चाहिए। उनकी सुरक्षा केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक स्कूल की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा में लापरवाही या किसी घटना को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
पंचकूला की घटना के बाद जारी इस एडवाइजरी का उद्देश्य हिसार जिले के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।