Summer express, मोहाली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में एआईविस्कार 2026 का आयोजन किया गया। ‘एआई फॉर भारत’ थीम पर आयोजित इस विशेष एआई फेस्ट में देशभर से नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और छात्र नवप्रवर्तक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई तकनीकों को वास्तविक जीवन की जरूरतों, व्यावसायिक अवसरों और उद्यमिता से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में आईएसएफ के संस्थापक एवं चेयरमैन आदिशेषैया चौधरी जक्कमपुडी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष मुख्य सचिव एवं आईटी सलाहकार, एनवीडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के संस्थापक एवं पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं। तकनीक और प्रशासन के क्षेत्र में उनके अनुभव ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
एआईविस्कार 2026 में स्टार्टअप्स और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए विशेष मंच तैयार किया गया। इसमें 57 स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने व्यावसायिक विचार, तकनीकी समाधान और विकास योजनाएं प्रस्तुत कीं। इसके अलावा विद्यार्थियों की ओर से तैयार 20 नवाचार परियोजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में 58 पैनल विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नई तकनीकों, निवेश, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचार के लिए 40 प्रतिभागियों को एआईविस्कार एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
फेस्ट में तकनीक को केवल प्रदर्शित करने के बजाय प्रतिभागियों को उसका प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया। इसके लिए एआई स्कल्प्चर, ह्यूमनॉइड रोबोट, ग्लैमबॉट, स्केच बॉट, बेला बॉट, डांसिंग रोबोट, साइकिल रन और एआर क्रिकेट जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इन तकनीकी प्रदर्शनों के माध्यम से लोगों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
आयोजन में 5,200 स्कूली विद्यार्थियों ने भी भागीदारी की। विद्यार्थियों को एआई की कार्यप्रणाली, इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य में इससे पैदा होने वाले अवसरों के बारे में जानने का मौका मिला। स्टार्टअप पिचिंग, छात्र परियोजनाओं की प्रदर्शनी और विभिन्न अनुभव क्षेत्रों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में वेंचर कैपिटल कंपनियों, एंजल निवेशक समूहों, स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और निवेश बैंकिंग से जुड़े कई प्रमुख निवेशक भी पहुंचे। इनमें इंडिकॉर्न एंजल्स के संस्थापक साझेदार अमित सिंघल, बीएम कैपिटल फैमिली ऑफिस के सह-संस्थापक पुरु मोदीनी, वेंचर कैटेलिस्ट्स के पार्टनर दीपक अग्रवाल, चंडीगढ़ एंजल्स नेटवर्क की मुख्य निवेश एवं संचालन अधिकारी नितिका मिश्रा खुराना, यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के प्रबंध साझेदार अनिल जोशी और पंजाब एंजल्स नेटवर्क के प्रबंध निदेशक साहिल मक्कड़ सहित कई निवेशक शामिल रहे।
इसके अलावा दिल्ली एंजल्स डेन की संस्थापक श्वेता राका, इंडिया एक्सेलेरेटर की लीड कॉरपोरेट इनोवेशन सृष्टि अरोड़ा, एंजल निवेशक निखिल गुप्ता, मेंटरएक्स के अध्यक्ष डॉ. मुनीश जिंदल और अन्य उद्यमिता विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। निवेशकों की मौजूदगी से स्टार्टअप संस्थापकों को अपने विचारों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने, निवेश की संभावनाएं तलाशने और उद्योग जगत के अनुभवी लोगों के साथ संपर्क स्थापित करने का अवसर मिला।
सीजीसी यूनिवर्सिटी के संस्थापक एवं चांसलर स. रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत यहां के युवाओं की प्रतिभा, कल्पनाशक्ति और उद्यमशीलता है। एआईविस्कार 2026 के माध्यम से विश्वविद्यालय का प्रयास ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां ज्ञान को नवाचार और नवाचार को उद्यमिता में बदला जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसी तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, जिसका उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान और देश की प्रगति के लिए किया जा सके।
वहीं, विश्वविद्यालय के योग्य प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल ने कहा कि एआईविस्कार 2026 पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स को नए विचारों पर काम करने का अवसर प्रदान करता है। स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने से नए समाधानों को विकसित करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य सीजीसी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में स्थापित करना है।
‘एआई फॉर भारत’ की अवधारणा के तहत आयोजित इस फेस्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े समाधान केवल तकनीकी रूप से उन्नत ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए सुलभ और देश की जरूरतों के अनुरूप भी होने चाहिए। स्टार्टअप प्रस्तुतियों, छात्र परियोजनाओं, विशेषज्ञ चर्चाओं और निवेशकों की भागीदारी के माध्यम से एआईविस्कार 2026 ने नवाचार से लेकर निवेश तक की पूरी प्रक्रिया को एक मंच पर लाने का प्रयास किया।