Shimla, 25 July
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी माता की मौत हो गई।
परिजनों ने एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने में गंभीर टालमटोल की। पीड़ित बेटे ने कहा, “मैं, मेरा भाई, बहन और पत्नी करीब एक घंटे तक इधर-उधर भटकते रहे। जिन दो डॉक्टरों के जिम्मे मेरी माता का इलाज था, वे मेरे सामने से निकलते रहे लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। हमने एक-एक डॉक्टर से भीख मांगी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर कुछ हरकत हुई और इलाज शुरू हुआ, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजन के अनुसार मरीज को अस्पताल में भर्ती भी कर लिया गया था, लेकिन गंभीरता को देखते हुए तुरंत इलाज जरूरी था, जो नहीं हो सका।
पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि भर्ती के बाद एक सिख डॉक्टर ने संवेदनशीलता दिखाई और मदद करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस मामले में IGMC के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब तक हमारे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। यदि शिकायत मिलती है तो उचित जांच की जाएगी।”
मामला गंभीर है और परिजनों की भावनाएं स्पष्ट रूप से व्यवस्था में खामियों की ओर इशारा कर रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।