तेहरान | अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सख्त प्रतिक्रिया जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावनी ने अमेरिका पर कूटनीतिक रास्ते बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब जवाबी कार्रवाई का निर्णय देश की सेना करेगी – समय, तरीका और पैमाना अब सैन्य नेतृत्व तय करेगा।
राजदूत इरावनी ने कहा, “ईरान ने अमेरिका को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस खतरनाक रास्ते पर न चले। लेकिन अब जब हमला हो चुका है, तो हम अपने हर हित की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।”
अमेरिका पर कूटनीति खत्म करने का आरोप
इरावनी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमले से स्पष्ट हो गया है कि वाशिंगटन अब राजनयिक समाधान में विश्वास नहीं रखता। उन्होंने कहा, “अमेरिका ने हमारे परमाणु केंद्रों पर हमला कर कूटनीतिक वार्ता के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। अब हमारा जवाब कब, कैसे और किस स्तर पर होगा – इसका फैसला सैन्य कमान करेगी।”
ईरानी प्रतिनिधि ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर भी निशाना साधा और कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पश्चिमी नीतियों की ओर मोड़ने में सफल रहे हैं, जिससे अमेरिका एक और बेमतलब युद्ध की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
इस बैठक में अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोर्थी शी ने राष्ट्रपति ट्रंप का संदेश दोहराते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों या सैन्य ठिकानों पर किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने यह कार्रवाई इजराइल और अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए की है। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगातार भ्रम फैला रहा है और शांति वार्ताओं को निष्फल बना रहा है।”
UNSC से अमेरिका की अपील
अमेरिका ने सुरक्षा परिषद से अपील की कि वह ईरान से इजराइल को खत्म करने की अपनी रणनीति बंद करने, परमाणु हथियार कार्यक्रम रोकने और अमेरिका समेत वैश्विक समुदाय के खिलाफ हमले बंद करने की मांग करे। अमेरिका ने यह भी कहा कि ईरान को सद्भावनापूर्वक शांति वार्ताओं में भाग लेना चाहिए।