नई दिल्ली । चीन के किंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर दो टूक रुख अपनाते हुए पाकिस्तान और चीन को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगा, चाहे हालात कुछ भी हों।
पाकिस्तानी प्रतिनिधि के सामने दिया सख्त संदेश
बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की मौजूदगी में राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक आतंकी संगठन द्वारा विदेशी पर्यटकों पर हमला किया गया था। उन्होंने बताया कि यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, जो पहले से ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित है।
उन्होंने हाल ही में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए दोहराया कि निर्दोषों के खून के जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को प्रोत्साहित कर रहे हैं और इसे अपनी विदेश नीति का हिस्सा बना चुके हैं, जो अस्वीकार्य है।
“शांति और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते”
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि उग्रवाद, कट्टरपंथ और आतंकवाद इस समय वैश्विक समुदाय के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, “शांति और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते, और इसके लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है।” राजनाथ सिंह ने SCO सदस्य देशों से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाएं और जो देश आतंकियों को पनाह देते हैं, उनके दोहरे मापदंडों की खुलकर निंदा करें।
भारत के दृष्टिकोण को साझा करने की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में उन्होंने संवाद और सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत “सर्वे जना सुखिनो भवन्तु” की सोच पर विश्वास करता है और वह वैश्विक शांति, स्थिरता और समन्वय के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी देश अकेले इन चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता।
चीन और रूस के रक्षा मंत्रियों से संभावित मुलाकात
इस दौरान राजनाथ सिंह के चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून और रूस के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठकों की संभावना जताई गई है। यह यात्रा मई 2020 में भारत-चीन सीमा तनाव के बाद किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की पहली चीन यात्रा है, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा संवाद की दिशा में बड़ा संकेत मिल रहा है।
किंगदाओ पहुंचने पर भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने राजनाथ सिंह का स्वागत किया, और चीनी रक्षा मंत्री ने अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो के लिए उन्हें आमंत्रित किया।
इससे पहले, राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि वह SCO मंच पर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता को साझा करने के लिए पूरी गंभीरता से भाग ले रहे हैं।