27 June, 2025
बुधवार शाम बीबीएमबी पंडोह डैम में एक असाधारण दृश्य सामने आया, जब झील की सतह पर हजारों टन लकड़ियां तैरती नजर आईं। यह नजारा इतना प्रभावशाली था कि लोगों को सीधे तौर पर साउथ की चर्चित फिल्म ‘पुष्पा: द राइज़’ की याद दिला दी।
इस दृश्य का कारण बना कुल्लू जिले की सैंज घाटी में बादल फटने और मूसलाधार बारिश का कहर, जिससे भारी मात्रा में पेड़ और लकड़ी के टुकड़े बहकर व्यास नदी के ज़रिए पंडोह डैम तक पहुंच गए। कुछ ही घंटों में पूरी झील लकड़ियों से भर गई।सोशल मीडिया पर इस दृश्य के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इनकी तुलना फिल्म पुष्पा के डायलॉग्स और सीन से कर रहे हैं, और मज़ाकिया मीम्स भी शेयर किए जा रहे हैं।लेकिन यह दृश्य केवल सोशल मीडिया का विषय नहीं रहा — राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि यह प्राकृतिक नहीं, बल्कि अवैध वन कटान का परिणाम है। उनकी पोस्ट में लिखा गया, “हिमाचल में कानून नहीं, पुष्पा का राज है।” पार्टी ने इसे सरकार की विफलता करार दिया।
कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर ने भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह सिर्फ बारिश की देन नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे अवैध खनन और वनों की कटाई की पोल खोलता हुआ दृश्य है। उन्होंने वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों दोनों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बीबीएमबी प्रशासन ने पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए ताकि तेज बहाव से लकड़ियां नीचे की ओर बह सकें और झील की सतह को साफ किया जा सके।यह घटना हिमाचल प्रदेश में वन सुरक्षा, सरकारी निगरानी और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिनका जवाब अब प्रशासन और सरकार को देना होगा।