27 जून, 2025
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी उन्नति की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी पहल से राज्य में पहली बार अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो रही है। शिमला के अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज़, चमियाणा में इस सुविधा की स्थापना की जा रही है।
इसके लिए 28 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली एम्स की तर्ज पर उन्नत रोबोटिक सिस्टम खरीदा गया है, जो अब संस्थान में पहुंच चुका है। जुलाई माह के भीतर इसके इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, और इसके तुरंत बाद मरीजों की सर्जरी इस अत्याधुनिक तकनीक से की जाएगी।
संस्थान के प्रमुख डॉ. बृज लाल के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी से छोटे चीरे के माध्यम से ऑपरेशन संभव होता है, जिससे खून का बहाव कम होता है, दर्द न्यूनतम रहता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर घर लौट पाता है। डॉक्टरों के लिए भी यह प्रणाली अत्यधिक सटीक, थकान-रहित और नियंत्रित सर्जरी को संभव बनाती है।
इस तकनीक में थ्री-डी और हाई-डेफिनिशन इमेजिंग की सुविधा होती है, जिससे शरीर के जटिल अंगों तक आसानी से पहुंच बनाकर सर्जरी की जा सकती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, जल्द ही टांडा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद आईजीएमसी शिमला, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थानों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक पहल से राज्य के हजारों मरीजों को राहत मिलेगी, जो अब महंगी सर्जरी के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर नहीं रहेंगे। यह कदम प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।