नई दिल्ली | देश के कई हिस्सों में मानसून की पूरी दस्तक से पहले ही मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, बीते 24 घंटों में बारिश, बादल फटना, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात ने कहर बरपाया है। इस दौरान 5 राज्यों से भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं, जिनमें अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं – हिमाचल प्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और केरल।
हिमाचल में बादल फटने और लैंडस्लाइड से तबाही
हिमाचल प्रदेश में बीते एक दिन में 3 जगह बादल फटने, 9 बार फ्लैश फ्लड और 3 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा नुकसान कांगड़ा और कुल्लू जिलों में हुआ है, जहां अब तक 5 लोगों की मौत और 9 लोग लापता हो चुके हैं। राज्य में राहत-बचाव कार्य में NDRF, SDRF और पुलिस टीमें तैनात हैं। अब तक 21 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। मौसम विभाग ने 29 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कई जिलों में भारी बारिश व लैंडस्लाइड की चेतावनी दी है।
गुजरात: पहली बारिश में ही ढह गया करोड़ों का पुल
गुजरात के सूरत, वलसाड और छोटा उदयपुर में लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूरत में तापी नदी का पानी सड़कों तक पहुंच गया है और कई इलाकों में खाड़ियों का पानी घरों में घुस गया। छोटा उदयपुर में 4 करोड़ की लागत से बना मिनी पुल पहली ही बारिश में बह गया। वलसाड में बारिश के चलते एक कार नाले में बह गई, हालांकि ड्राइवर को बचा लिया गया। अंबाजी मंदिर परिसर भी जलमग्न हो गया।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से 3 की मौत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ, डोडा और कठुआ जिलों में बादल फटने और भारी बारिश की घटनाएं दर्ज की गईं हैं। इनमें दो बच्चों समेत तीन लोगों की जान चली गई है। पुंछ और उधमपुर जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को नदियों और नालों के पास जाने से सख्त मना किया है। स्कूल पिकनिक और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है।
अरुणाचल में लैंडस्लाइड और बहाव से दो मौतें
अरुणाचल प्रदेश के बिचोम इलाके में भूस्खलन और पचुक नदी में बहने से दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक इस मानसून सीज़न में अब तक यहां 14 मौतें हो चुकी हैं।
केरल में रेड अलर्ट, कई इलाके जलमग्न
दक्षिण भारत के केरल में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इडुक्की, वायनाड और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट और 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति है, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए हैं।
मध्य प्रदेश में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी गुरुवार को भारी बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 5 जिलों में भारी और 16 जिलों में मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन की अपील – अलर्ट को नजरअंदाज न करें
देशभर में मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों और जलधाराओं के पास जाने से बचें। सतर्कता और सावधानी ही इस समय सबसे जरूरी है क्योंकि कई क्षेत्रों में लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। बचाव टीमें तैनात हैं लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।