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अंतरिक्ष में बीमार हो जाएं एस्ट्रोनॉट, तो क्या होता है? जानिए कैसे काम करती है स्पेस की मेडिकल व्यवस्था

नई दिल्ली | अंतरिक्ष की यात्रा जितनी रोमांचक है, उतनी ही जोखिम भरी भी है। वहां का वातावरण धरती से बिल्कुल अलग और इंसानी शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत चार सदस्यीय टीम एक मिशन पर अंतरिक्ष रवाना हुई। ऐसे में यह सवाल आम है कि अगर कोई एस्ट्रोनॉट अचानक बीमार हो जाए तो अंतरिक्ष में उसका इलाज कैसे होता है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब…

स्पेस स्टेशन में रहती है मेडिकल किट

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक विशेष मेडिकल किट हमेशा मौजूद रहती है, जो सामान्य से लेकर कुछ आपातकालीन स्थितियों तक की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती है। इस किट में सिरदर्द, बुखार, उल्टी, संक्रमण, अनिद्रा और ब्लड प्रेशर जैसी आम समस्याओं की दवाइयों के साथ-साथ चोट या घाव के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक, सेडेटिव्स और ब्लड शुगर व बीपी मॉनिटरिंग डिवाइस शामिल होते हैं।

गंभीर स्थिति में होती है इमरजेंसी वापसी की व्यवस्था

मिशन पर भेजे जाने से पहले हर अंतरिक्ष यात्री की मेडिकल जांच की जाती है और पूरी तरह फिट होने पर ही उन्हें उड़ान की मंजूरी दी जाती है। हालांकि, अगर किसी मिशन के दौरान कोई एस्ट्रोनॉट गंभीर रूप से बीमार हो जाता है, तो “कॉन्टिंजेंसी रिटर्न” यानी आपात वापसी का प्रावधान होता है। इसके तहत स्पेस स्टेशन पर डॉक किया गया एक “लाइफबोट” (स्पेसक्राफ्ट) होता है, जिससे जरूरत पड़ने पर एस्ट्रोनॉट्स को तत्काल धरती पर लाया जा सकता है।

अंतरिक्ष में कैसी होती है मेडिकल तैयारी?

स्पेस मिशन से पहले हर एस्ट्रोनॉट को प्राथमिक चिकित्सा और CPR जैसे बेसिक मेडिकल स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा, क्रू के एक सदस्य को खास मेडिकल ट्रेनिंग देकर “स्पेस मेडिकल ऑफिसर” की भूमिका सौंपी जाती है। अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद मेडिकल किट में आमतौर पर ये चीज़ें होती हैं:

  • बुखार, उल्टी, सिरदर्द, पेट दर्द, नींद की समस्या आदि के लिए दवाएं
  • घाव या चोट की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले एंटीबायोटिक्स
  • दर्द निवारक और सेडेटिव दवाएं
  • ब्लड प्रेशर और शुगर मॉनिटरिंग उपकरण
  • ऑक्सीजन सपोर्ट जैसे जरूरी उपकरण

धरती से होती है हेल्थ मॉनिटरिंग

अंतरिक्ष में मौजूद एस्ट्रोनॉट पूरी तरह अकेले नहीं होते। धरती पर बैठी मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी करती है। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में वीडियो कॉल या अन्य संचार माध्यमों से स्पेस मेडिकल ऑफिसर को तुरंत दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

इस तरह अंतरिक्ष में भी एक संगठित और हाईटेक मेडिकल सिस्टम काम करता है, जो एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। अंतरिक्ष मिशन रोमांचक जरूर होते हैं, लेकिन इसके लिए पूरी तैयारी, विशेषकर स्वास्थ्य को लेकर, बेहद जरूरी होती है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

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