वॉशिंगटन | अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रेटक्लिफ ने अमेरिकी सांसदों को जानकारी दी है कि हाल ही में हुए सैन्य हमलों में ईरान के एकमात्र धातु रूपांतरण केंद्र को निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर झटका लगा है और इसे फिर से पटरी पर लाने में वर्षों लग सकते हैं।
धातु रूपांतरण केंद्र वह स्थान होता है जहां यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी तत्वों को एक स्वरूप से दूसरे स्वरूप में बदला जाता है ताकि उन्हें परमाणु ऊर्जा उत्पादन या परमाणु हथियार निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
गोपनीय ब्रीफिंग में हुआ खुलासा
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पिछले सप्ताह एक विशेष बंद कमरे बैठक में रेटक्लिफ ने सांसदों को इस ऑपरेशन की रणनीतिक अहमियत समझाई। डेमोक्रेट सांसद यह जानना चाहते थे कि संघर्षविराम से ठीक पहले अमेरिका के हवाई हमलों से ईरान को असल में कितना नुकसान पहुंचा है। अब इन बंद दरवाजों के पीछे हुई चर्चाओं की जानकारी धीरे-धीरे सार्वजनिक हो रही है।
ट्रंप ने भी दी थी प्रतिक्रिया
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी साक्षात्कार में दावा किया, “यह तबाही वैसी थी जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। ईरान का परमाणु ढांचा पूरी तरह हिल गया है।”
ईरान की परमाणु तैयारी को लगा ब्रेक
रेटक्लिफ ने यह भी कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि ईरान ने जो संवर्धित यूरेनियम जमा किया था, उसका बड़ा हिस्सा अब इस्फहान और फोर्दो स्थित केंद्रों में हमलों के मलबे के नीचे दब चुका है। यही दोनों साइट्स अमेरिका के निशाने पर थीं।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह नष्ट हुआ या नहीं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि धातु रूपांतरण केंद्र के नष्ट होने से तेहरान की परमाणु बम बनाने की तकनीकी क्षमता पर वर्षों तक असर पड़ेगा।