चंडीगढ़ | पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने एक बार फिर सरकार को चेतावनी दी है। सोमवार को यूनियन ने सेक्टर-17 स्थित डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार को आठ दिन का समय दिया है। यूनियन का कहना है कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे 9 से 11 जुलाई तक राज्यव्यापी हड़ताल करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पंजाब अध्यक्ष रेशम ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से सरकार केवल बैठकें कर रही है, लेकिन मांगों पर कोई अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब अंतिम चरण में है और सरकार को कर्मचारियों की बात गंभीरता से लेनी होगी।
बस अड्डों पर बंदी, यात्रियों को हुई परेशानी
सोमवार को यूनियन के आह्वान पर जीरकपुर और खरड़ बस अड्डे बंद रखे गए, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर सुबह और दोपहर के समय कई रूटों पर यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से सफर करना पड़ा।
आंदोलन का अगला चरण घोषित
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 9 जुलाई तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे पंजाब में सरकारी बस सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। इसके साथ ही 10 जुलाई को मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की भी योजना है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान और ठेका प्रथा को समाप्त करने जैसी बातें शामिल हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देती है।