फूलपुर | उत्तर प्रदेश के फूलपुर से गायब एक नाबालिग लड़की को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। केरल के त्रिशूर में उसे जबरन धर्म परिवर्तन कराने और कट्टरपंथी विचारधारा की ट्रेनिंग देने की कोशिश की गई। लड़की किसी तरह वहां से भाग निकली और अब पूरे मामले की पुलिस जांच चल रही है।
केरल पहुंचते ही शुरू हुआ धार्मिक दबाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह ट्रेन से केरल पहुंची थी, जहां दरकशा नाम की महिला पहले से मौजूद थी। स्टेशन पर एक व्यक्ति को फोन कर बुलाया गया और लड़की को एक कार से त्रिशूर के हॉस्टल में ले जाया गया। वहां खाना खिलाकर आराम करने को कहा गया।
अगले ही दिन से धार्मिक शिक्षा (दीनी तालीम) दी जाने लगी। हिजाब पहनने की ट्रेनिंग, धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन और इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया गया। कुछ दिनों बाद जिहादी विचारधारा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए भी दबाव बढ़ने लगा। डरी-सहमी लड़की मौके का फायदा उठाकर हॉस्टल से भाग निकली और त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुंची।
स्टेशन पर फिर हुई घेराबंदी, TTE ने पहुंचाया पुलिस के पास
त्रिशूर स्टेशन पर दरकशा ने लड़की का पीछा कर उसे फिर पकड़ने की कोशिश की। दोनों के बीच झड़प होते देख टिकट निरीक्षक (TTE) ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मोबाइल कॉल डिटेल्स से हुआ नेटवर्क का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि दरकशा लगातार ताज नामक युवक से संपर्क में थी, जो फूलपुर के जोगिया शेखपुर का निवासी है और कई सालों से केरल में नौकरी कर रहा है। ताज और दरकशा के बीच 8-9 मई के बीच 13 कॉल्स हुई थीं। दरकशा ने बताया कि ताज ने लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाने को कहा था, जिसमें कमीशन का लालच भी दिया गया।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
लड़की की मां ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि दरकशा और मोहम्मद कैफ नामक युवक ने पहले उसकी बेटी को पैसों का लालच देकर फंसाया और फिर उसे प्रयागराज से दिल्ली और केरल ले जाया गया। रास्ते में छेड़छाड़, धार्मिक दबाव और जबरन धर्मांतरण के बाद लड़की को कट्टरपंथी ट्रेनिंग के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच तेज कर दी है। कॉल रिकॉर्ड्स, बयान और लोकेशन के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पुष्टि की जा रही है। जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।