वॉशिंगटन | अमेरिका की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुचर्चित और विवादित आर्थिक-सुरक्षा विधेयक ‘One Big Beautiful Bill’ को अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिल गई। यह पासिंग उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के टाई-ब्रेकिंग वोट से संभव हो पाई, जिसने बिल को मंजूरी दिलाई।
यह बिल कर कटौती, सीमा सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं में भारी बदलाव का संयुक्त ‘थ्री-इन-वन’ पैकेज है, जिसे ट्रंप प्रशासन ने “देश के भविष्य का टर्निंग पॉइंट” बताया है।
टाई में फंसी वोटिंग, उपराष्ट्रपति ने बदला समीकरण
सीनेट में बिल के पक्ष और विरोध में बराबर यानी 50-50 वोट पड़े। ऐसे में अमेरिकी संविधान के तहत उपराष्ट्रपति वेंस ने निर्णायक वोट डालकर बिल को पारित करवा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के तीन सीनेटर—रैंड पॉल, सुसान कोलिन्स और थॉम टिलिस—ने बिल का विरोध करते हुए डेमोक्रेट्स के साथ मतदान किया।
क्या है ‘One Big Beautiful Bill’?
यह बहुस्तरीय बिल अमेरिका के आर्थिक और सुरक्षा ढांचे में व्यापक बदलाव लाने की योजना है। इसके तीन मुख्य हिस्से हैं:
- कर छूट और राहतें:
- ओवरटाइम वेतन और टिप्स पर टैक्स में छूट
- नवजातों के लिए विशेष टैक्स क्रेडिट
- छोटे व्यवसायों के लिए टैक्स रियायतें
- राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन:
- सीमा दीवार के लिए $150 अरब
- कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए $350 अरब
- अवैध प्रवासियों की डिपोर्टेशन नीति को सख्त बनाया जाएगा
- सामाजिक कल्याण में कटौती:
- Medicaid और फूड स्टैम्प जैसी योजनाओं में कटौती
- पात्रता नियम कड़े किए गए
- वेलफेयर बजट अगले 5 सालों में धीरे-धीरे घटाया जाएगा
क्यों बना यह बिल विवादों की जड़?
- ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस विधेयक से देश का बजट घाटा अगले 10 वर्षों में $2–3 ट्रिलियन तक घट सकता है।
- सीनेट बजट ऑफिस के मुताबिक, इससे उल्टा $3 ट्रिलियन का नया घाटा बन सकता है।
- एलन मस्क ने भी इस बिल की आलोचना की, इसे “अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक” और “विकास विरोधी” बताया।
- डेमोक्रेट्स ने बिल को मध्यम वर्ग, बुजुर्गों और गरीबों के खिलाफ बताया है, वहीं GOP (रिपब्लिकन पार्टी) के भीतर भी इसे लेकर मतभेद साफ हैं।
आगे क्या?
अब यह बिल प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में जाएगा, जहां रिपब्लिकन का बहुमत है। उम्मीद जताई जा रही है कि 4 जुलाई से पहले ट्रंप इस बिल पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, लेकिन हाउस में कुछ संशोधनों की मांग की जा सकती है।
चुनावी असर और अगली रणनीति
ट्रंप इस बिल को 2026 के मिडटर्म चुनाव और 2028 के राष्ट्रपति अभियान का प्रमुख एजेंडा बनाने वाले हैं। इस कानून का सीधा असर उन नागरिकों पर पड़ेगा जो सामाजिक योजनाओं पर निर्भर हैं, साथ ही यह अवैध प्रवासियों के खिलाफ नीति को और कठोर बनाएगा। डेमोक्रेटिक पार्टी इस बिल की संवैधानिक वैधता को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।