नई दिल्ली | भारत की सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से फैल रही डिजिटल पेमेंट प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक बड़े अपग्रेड की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में आपको मोबाइल ऐप खोलकर भुगतान करने की ज़रूरत नहीं होगी—अब आपकी कार, स्मार्टवॉच, टीवी या वॉशिंग मशीन जैसे स्मार्ट डिवाइस खुद ही पेमेंट कर सकेंगे।
NPCI (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) UPI का Internet of Things (IoT) आधारित वर्जन तैयार कर रहा है, जो स्मार्ट डिवाइसों को सुरक्षित और स्वचालित लेनदेन की सुविधा देगा।
कैसे काम करेगा यह स्मार्ट UPI सिस्टम?
- हर स्मार्ट डिवाइस को मिलेगा अलग Virtual Payment Address (VPA), जो आपकी मुख्य UPI ID से लिंक रहेगा।
- उपकरण तय की गई सीमा के भीतर स्वतः भुगतान कर सकेंगे।
- डिवाइस को एक बार OTP के जरिए लिंक किया जाएगा।
- यूज़र ऐप के जरिए कभी भी लेनदेन की सीमा या अनुमति को बदला जा सकेगा।
क्या-क्या कर पाएंगे स्मार्ट डिवाइस?
- कार खुद-ब-खुद पार्किंग शुल्क का भुगतान कर सकेगी।
- स्मार्टवॉच से मेट्रो टिकट या दुकानों पर पेमेंट संभव होगा।
- स्मार्ट टीवी खुद ही अपना OTT सब्सक्रिप्शन रिन्यू कर सकेगा।
- स्मार्ट रेफ्रिजरेटर किराना ऑर्डर कर भुगतान भी कर सकेगा।
सुरक्षा रहेगी पूरी तरह सशक्त
NPCI इस फीचर को UPI Autopay और UPI Circle जैसे मौजूदा प्लेटफॉर्म्स से इंटीग्रेट करेगा। साथ ही, कॉमन लाइब्रेरी, MPIN कैप्चर, और डिवाइस-विशिष्ट UPI ID जैसी तकनीकें इस्तेमाल की जाएंगी ताकि लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित रहें। यूज़र्स डिवाइस को पूर्व-अनुमति देकर सीमित लेनदेन की मंजूरी दे सकेंगे।
UPI के धमाकेदार आंकड़े
- जून 2025 में 18.4 अरब लेनदेन
- FY2025 में अब तक 185.8 अरब ट्रांजैक्शन, जो पिछले साल से 41.7% ज्यादा
- UPI की बाजार हिस्सेदारी FY2025 में बढ़कर 83.4% हो चुकी है
NPCI का दावा है कि UPI के पास 10 गुना विस्तार की क्षमता है और लक्ष्य है इसे 1 अरब मासिक उपयोगकर्ताओं तक ले जाना।
कब लॉन्च होगा यह नया फीचर?
UPI का यह IoT संस्करण फिलहाल नियामक मंजूरी प्रक्रिया में है। संभावना है कि इसे साल 2025 में होने वाले Global Fintech Festival (GFF) के दौरान आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।