शिवमोगा | केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कर्नाटक के शिवमोगा में देश के दूसरे सबसे लंबे केबल-आधारित सिगंदूर पुल का उद्घाटन किया गया, लेकिन इस कार्यक्रम को लेकर कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके मंत्रिमंडल ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करते हुए दावा किया कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित ही नहीं किया गया।
सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर केंद्र पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार से परामर्श के बिना आयोजित किया गया। वहीं, गडकरी ने ‘एक्स’ पर दो पत्र साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री को पहले ही आमंत्रण भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के दबाव में गडकरी ने कार्यक्रम रद्द करने का वादा निभाया नहीं। उन्होंने कहा कि वह पहले से तय इंडी दौरे पर जा रहे हैं, इसलिए कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
क्या है सिगंदूर पुल:
472 करोड़ की लागत से बने इस पुल के उद्घाटन से सागरा से सिगंदूर के गांवों की दूरी घटेगी और यह प्रसिद्ध चौदेश्वरी मंदिर तक पहुंच आसान बनाएगा।
अब यह विवाद राज्य-केंद्र संबंधों में एक और टकराव के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं।