15 July, 2025
पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने क्रिकेट के नियमों में बदलाव की सिफारिश करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से दो महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने ड्यूक गेंद की घटती गुणवत्ता पर चिंता जताई है और साथ ही गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अपील की है।
हाल ही में इंग्लैंड और भारत के बीच चल रही टेस्ट सीरीज़ में ड्यूक गेंद को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन सिर्फ़ दस ओवर के अंदर दो बार गेंद बदली गई, जिससे खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने नाराज़गी जताई। कुंबले ने इस विषय पर कहा, “अगर गेंद जल्दी नरम हो रही है और अपनी लय खो रही है, तो उसे पुराने निर्माण मानकों के अनुसार तैयार करना चाहिए। बार-बार गेंद बदलना खेल की गुणवत्ता पर असर डालता है।”
कुंबले ने सुझाव दिया कि ड्यूक को अपने पांच साल पुराने संस्करण की गेंद को फिर से लाना चाहिए, क्योंकि वह अधिक टिकाऊ और संतुलित थी। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि गेंद को चमकदार बनाए रखने के लिए लार का उपयोग फिर से शुरू किया जाना चाहिए, ताकि गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग का अवसर मिल सके।
कुंबले की यह टिप्पणी क्रिकेट जगत में नए सिरे से बहस को जन्म दे सकती है, खासकर गेंदबाजों की भूमिका और गेंद की गुणवत्ता को लेकर। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी इस दिशा में क्या कदम उठाती है।