चंडीगढ़ | पंजाब पुलिस ने एक बड़े जासूसी रैकेट का खुलासा करते हुए भारतीय सेना के जवान को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान देविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो संगरूर जिले के निहालगढ़ गांव का रहने वाला है। देविंदर जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात था और वहीं से उसे पकड़ा गया।
देविंदर पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को सेना की गोपनीय जानकारियां और दस्तावेज भेजता था। जांच एजेंसियों को शक है कि वह काफी समय से पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था।
जेल में बंद साथी ने किया खुलासा
इस केस की जड़ें एक पहले से गिरफ्तार आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी उर्फ फौजी से जुड़ी हैं, जो पहले भी सेना में काम कर चुका है। 1 अप्रैल 2025 को वह 1 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ था और फिरोजपुर जेल में बंद है। पूछताछ के दौरान उसने देविंदर सिंह का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गुरप्रीत जेल में रहते हुए भी सेना में अपने पुराने संपर्कों से जुड़े हुए था और वहीं से नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर
देविंदर को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में अब इस बात की जांच हो रही है कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
2017 से शुरू हुआ था गहरा संपर्क
देविंदर और गुरप्रीत की मुलाकात 2017 में पुणे के आर्मी ट्रेनिंग कैंप में हुई थी। इसके बाद दोनों की पोस्टिंग सिक्किम और फिर जम्मू-कश्मीर में भी एक साथ रही। यहीं से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का सिलसिला शुरू हुआ।
और गिरफ्तारियां जल्द संभव
पुलिस और खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। इस मामले में जल्द और गिरफ्तारियों की उम्मीद है।
यह घटना देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोरने वाली है और यह सवाल खड़ा करती है कि क्या हमारे बीच ही दुश्मन के लिए काम कर रहे लोग मौजूद हैं?