Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में फर्जी लाभ उठाने का बड़ा मामला सामने आया है। बोर्ड ने ऐसे 38 लोगों की पहचान की है जो असल में मजदूर नहीं हैं, लेकिन मजदूर बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। इन सभी पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने फर्जी रजिस्ट्रेशन कर योजनाओं का लाभ उठाने वाले 38 लोगों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि ई-केवाईसी जांच के दौरान ये फर्जीवाड़ा सामने आया।इनमें से 9 लोगों ने आवास और मातृत्व योजनाओं के तहत 9 लाख रुपये से ज़्यादा की राशि का अनुचित लाभ लिया। बाकियों ने भी विभिन्न योजनाओं में आवेदन कर रखा था।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं — इनमें व्यापारी, सरकारी कर्मचारी और अध्यापक तक शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ बढ़सर, हमीरपुर और भोरंज थानों में एफआईआर दर्ज की गई है।बोर्ड अब सभी पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी करवा रहा है ताकि असली और नकली लाभार्थियों की पहचान की जा सके।
पूर्व भाजपा सरकार पर भी गंभीर सवाल उठाए
नरदेव सिंह कंवर ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2021-22 में सिर्फ 4 महीनों में करीब 70 हजार लोगों को मजदूर के तौर पर रजिस्टर किया गया, जिससे चुनावी लाभ लिया जा सके। अब इन सभी रजिस्ट्रेशन की भी ई-केवाईसी के ज़रिए जांच हो रही है।