Shimla, Sanju
भाजपा विधायक और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने हिमाचल सरकार की नई ट्रेनी पॉलिसी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे युवाओं के साथ “अन्याय और मज़ाक” करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तत्काल इस नीति को रद्द कर पुरानी दो वर्षीय कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी को बहाल करे।
सत्ती ने कहा कि सरकार ने 2022 के चुनावों में युवाओं से हर साल एक लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन अब इसके उलट युवाओं को ट्रेनिंग के नाम पर अस्थायी रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो साल की ट्रेनिंग के बाद युवाओं को दोबारा परीक्षा देकर रेगुलर होना पड़ेगा, जिससे उन पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा और विभागीय कार्य भी प्रभावित होगा।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति कांग्रेस की चुनावी गारंटियों की सच्चाई सामने ला रही है। भाजपा नेता ने युवाओं से इस नीति का विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा उनके साथ खड़ी है।
कांग्रेस जब तक पैसा जेब में न डाले, मदद नहीं मानती
आपदा राहत को लेकर भी सतपाल सत्ती ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दी गई आपदा सहायता को लेकर कांग्रेस सरकार लगातार भ्रम फैला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता तब तक किसी मदद को मान्यता नहीं देते जब तक वह “उनकी जेब तक न पहुंचे।”
सत्ती ने कहा कि प्रदेश में आपदा से निपटने के लिए केंद्र ने कई योजनाओं में सहायता दी है, और कई विभाग केंद्र की मदद से ही काम कर पा रहे हैं। उन्होंने राहत राशि के दुरुपयोग के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि अक्सर पात्र व्यक्तियों को सहायता नहीं मिलती, बल्कि राजनीतिक आधार पर राहत बांटी जाती है।उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दें कि राहत जरूरतमंदों तक बिना भेदभाव पहुंचे और इसका पारदर्शी उपयोग हो।