चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी फैमिली आईडी योजना से जुड़ा एक दिलचस्प और हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है। डाटा विश्लेषण में पता चला है कि राज्य में 2,779 ऐसे पुरुष हैं जिनकी फैमिली आईडी में दो या अधिक पत्नियां दर्ज हैं। यही नहीं, उन्होंने पत्नियों के साथ-साथ उनके बच्चों की भी जानकारी दर्ज कराई है।
नूंह में सबसे ज्यादा बहुपत्नी वाले केस
सबसे ज्यादा बहुपत्नी विवाह के मामले नूंह जिले में दर्ज हुए हैं, जहां 353 पुरुषों की फैमिली आईडी में दो पत्नियां दर्ज हैं। इसके अलावा:
- फरीदाबाद में 267,
- पलवल में 178,
- करनाल में 171,
- गुरुग्राम में 157,
- और हिसार में 152 मामले सामने आए हैं।
डाटा के मुताबिक, 2,761 पुरुषों ने दो पत्नियां, 15 ने तीन पत्नियां और 3 पुरुषों ने तीन से ज्यादा पत्नियां दिखाईं हैं।
अधिकारी बोले– “स्वयं द्वारा दर्ज की गई जानकारी”
परिवार पहचान प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह जानकारी लोगों द्वारा खुद दर्ज की गई है और इसे ही सरकारी रिकॉर्ड का आधार माना जा रहा है। हालांकि, पत्नियों और बच्चों का कोई औपचारिक सत्यापन नहीं किया जाता—सिर्फ जाति और आय की पुष्टि होती है।
धर्मनिरपेक्ष है फैमिली आईडी
राज्य के फैमिली आईडी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार, यह प्रणाली पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष है और इसमें धर्म का कोई कॉलम नहीं होता। हालांकि, जाति का उल्लेख और सत्यापन अनिवार्य होता है।