नई दिल्ली | संसद का मानसून सत्र ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गर्माया रहा। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बड़े खुलासे करते हुए बताया कि बैसरन घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान लेने वाले तीन आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को अंजाम देने में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बैसरन घाटी की साजिश का बदला
शाह ने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान सुलेमान, जिब्रान और अफजल के रूप में हुई है। इन सभी के पास से एम-9 अमेरिकन राइफल और दो AK-47 बरामद हुईं – वही हथियार, जिनसे पहलगाम में हमला किया गया था। बरामद कारतूसों का वैज्ञानिक परीक्षण भी कराया गया है।
विपक्ष का हमला – सुरक्षा में चूक?
वहीं विपक्ष ने सरकार पर खुफिया विफलता का आरोप लगाया। लोकसभा में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सवाल उठाए कि हमले से पहले क्या तैयारियां थीं और चूक कहां हुई? उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ कार्रवाई की बात करती है, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने में बार-बार नाकाम हो रही है।
आज प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी सदन में इस मुद्दे पर बोलने वाले हैं। उधर, राज्यसभा में भी इस पर आज 16 घंटे की मैराथन बहस शुरू होगी।
राजनाथ सिंह ने किया था पहला खुलासा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बताया था कि भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत सीमापार बैठे आतंकियों को जवाब दिया है। उन्होंने इसे आतंक के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया।