चंडीगढ़ | हरियाणा के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने आज एक तीखा और राजनीतिक रूप से अहम बयान देते हुए साफ कर दिया कि वे चुप बैठने वालों में से नहीं हैं। खुद को “सबसे वरिष्ठ विधायक” बताते हुए विज ने कहा कि वे जल्द ही पूरे हरियाणा का दौरा शुरू करेंगे और नए-पुराने कार्यकर्ताओं से मिलकर उनका हालचाल जानेंगे।
विज की चेतावनी—सरकारी योजनाओं में लापरवाही करने वाले अफसर अब रहें सतर्क
विज ने अधिकारियों को भी खुली चेतावनी दी कि जो अधिकारी सरकार की योजनाओं को ढंग से लागू नहीं कर रहे, वे भी उनके रडार पर हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनका भी हालचाल पूछने वाला हूं।” यह बयान उन्होंने उस सवाल के जवाब में दिया जिसमें पूछा गया था कि हालिया भाजपा विधायक दल की बैठक में विज का नाम हलकों के आवंटन में क्यों शामिल नहीं था।
“सात बार विधायक हूं, मुझे पूरा हरियाणा देखना है”
अनिल विज ने कहा, “मैं सात बार विधायक रहा हूं, इसलिए मुझे पूरा हरियाणा देखना है। बाकी विधायकों को एक-एक हल्का दिया गया है।” उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका अनुभव और जमीनी पकड़ ही उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ विवाद पर विपक्ष को घेरा
लोकसभा और राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सेना के भगवाकरण पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर विज ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष देश की परंपराओं और आस्थाओं का विरोध करने में जुट गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि सेना की हर यूनिट में मंदिर और गुरुद्वारे पहले से बने हुए हैं। हमारे सैनिक ‘बजरंग बली की जय’ बोलकर ही दुश्मनों पर टूट पड़ते हैं।”
“क्या ऑपरेशनों का नाम पाकिस्तान की मिसाइलों पर रखें?” – विज का तंज
विज ने कहा कि विपक्ष मुद्दों से भटक कर अब देश की मूल आस्थाओं को ही निशाना बना रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या हमारे सैन्य अभियानों के नाम पाकिस्तान की मिसाइलों या दूसरे देशों के नाम पर रखें?” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करते-करते अब देश विरोध की राह पर चल पड़ा है।