गुरुग्राम/नारनौल | हरियाणा के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नारनौल में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो ने शिव कॉलोनी निवासी हिमांशु शर्मा को गुरुग्राम साइबर थाने के एएसआई संदीप के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी नारनौल-रेवाड़ी बाइपास पर 30 जुलाई को हुई।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया कि साइबर क्राइम थाना, गुरुग्राम में दर्ज केस नंबर 156 (तारीख 9 जून 2025) में कुछ आरोपियों के नाम हैं और जांच अधिकारी एएसआई संदीप ने फोन कर बताया कि उसकी भी इसमें संलिप्तता हो सकती है। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने अपने दोस्त हिमांशु शर्मा को यह बात बताई। हिमांशु ने भरोसा दिलाया कि वह ‘विनोद’ नाम के पुलिसकर्मी के जरिए एएसआई संदीप से बात करेगा।
इसके बाद हिमांशु और विनोद की तरफ से शिकायतकर्ता से केस से नाम हटवाने के बदले 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।
जाल बिछा, रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
शिकायतकर्ता की सूचना पर गुरुग्राम सतर्कता ब्यूरो ने योजना बनाकर हिमांशु शर्मा को रिश्वत लेते वक्त धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 7ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 31 जुलाई को नारनौल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ब्यूरो की सख्ती से हड़कंप
इस कार्रवाई से साफ है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट, अब बच नहीं पाएगा। ब्यूरो ने जनता से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल दें।