Shimla, 3 August
हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के चलते बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही हुई है। अब तक 1700 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस आपदा में 1500 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं, और कई की खेती योग्य जमीन भी पूरी तरह बह गई है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुलाकात कर बेघर और भूमिहीन प्रभावितों के पुनर्वास के लिए वन भूमि पर जमीन आवंटित करने की विशेष अनुमति मांगी। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि बेघर परिवारों को एक बीघा और जिनकी खेती योग्य जमीन बह गई है, उन्हें पांच बीघा जमीन दी जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से अनुमति मिलते ही प्रभावित परिवारों को जल्द पुनर्वासित किया जाएगा और राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी।