Dharamshala, Rahul
हिमाचल प्रदेश सरकार की हाल ही में लाई गई जॉब ट्रेनी पॉलिसी के खिलाफ युवाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आज सैकड़ों पढ़े-लिखे युवा धर्मशाला के जिलाधीश कार्यालय के बाहर जुटे और इस नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नीति शिक्षित युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
जिला लाइब्रेरी धर्मशाला के छात्र हरीश कुमार ने कहा कि सरकार की यह पॉलिसी योग्य और शिक्षित युवाओं का अपमान है। उन्होंने बताया कि इस पॉलिसी के तहत नौकरी पाने वाले शिक्षकों को दो साल बाद फिर से परीक्षा देनी होगी, और पास होने पर ही नौकरी स्थायी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने लिखित रूप से इस नीति को वापस नहीं लिया, तो जल्द ही प्रदेशभर के युवा शिमला पहुंचकर सचिवालय का घेराव करेंगे।
दूसरे युवा जितेंद्र सिंह ने भी सरकार पर शिक्षित युवाओं का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों से आने वाले कई युवा सालों मेहनत करके और प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर शिक्षक बनते हैं, लेकिन इस नीति के तहत उनकी स्थायी नियुक्ति असुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी शिक्षित युवाओं को स्थाई नौकरी दी जाए और इस तरह की नीतियों को तुरंत रद्द किया जाए।