नई दिल्ली | कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी से देशभर से आए सैंन समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। यह बैठक कांग्रेस ओबीसी डिपार्टमेंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद के मार्गदर्शन और हरियाणा के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र योगी के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में हरियाणा, राजस्थान, यूपी, दिल्ली, पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से आए सैंकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
“हमें तारीफ नहीं, भागीदारी चाहिए”: योगी
योगेंद्र योगी ने बताया कि सैंन समाज सदियों से मेहनत, ईमानदारी और देशभक्ति के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर उनकी उपेक्षा होती रही है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि इस मेहनतकश समाज को केवल मंचों पर सराहा न जाए, बल्कि शासन व्यवस्था में वास्तविक भागीदारी दी जाए।”
राहुल गांधी ने कहा: पिछड़े वर्ग के लिए अब होगा ‘दुगना प्रयास’
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने करीब 1 घंटा 25 मिनट तक समाज के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने माना कि ओबीसी वर्ग की राजनीतिक भागीदारी को लेकर जितना काम किया जाना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। अब कांग्रेस पार्टी इस दिशा में तेज रफ्तार से काम करेगी।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वे ओबीसी वर्ग की विभिन्न जातियों का इतिहास, उनके पारंपरिक पेशे और सामाजिक-आर्थिक हालातों की गहराई से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। उन्होंने पहले विश्वकर्मा समाज और आदिवासियों से भी इस तरह का संवाद किया है।
भागीदारी की दिशा में सशक्त कदम
बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने गांव-ढाणियों में आने वाली चुनौतियों, राजनीतिक भागीदारी की कमी और सामाजिक बदलाव की जरूरतों पर बात रखी। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी सैंन समाज को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“अब सैंन समाज केवल समर्थक नहीं, नीति निर्धारक भी बनेगा”
योगेंद्र योगी ने इस मुलाकात को सामाजिक न्याय की दिशा में एक नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह संवाद समाज को आत्म-सम्मान, अधिकार और भागीदारी की ओर ले जाएगा। उन्होंने डॉ. अनिल जयहिंद का आभार जताया, जिन्होंने इस पहल को संभव बनाया।