फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने मुआवजे की लालच में अपने जीवित पिता की श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर डाली। बेटे ने गांव में बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए, ढोल-बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाली और मंदिर में रोटियां भी बांटीं। लेकिन जब ‘मृत’ पिता ने यह वीडियो देखा, तो उन्होंने खुद सामने आकर पूरे गांव को सच्चाई बताई।
मामला फरीदाबाद के पन्हेड़ा कलां गांव का है। 79 वर्षीय लालचंद उर्फ लूला बीते 9 महीने से घर से लापता थे। इसी दौरान उनके बेटे राजेंद्र ने दावा किया कि पिता की महाकुंभ में भगदड़ के दौरान मौत हो चुकी है। उसने पिता की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की, जिससे वह कथित तौर पर सरकार से 25 लाख रुपये मुआवजा पाने की फिराक में था।
राजेंद्र ने गांव में 50 से ज्यादा पोस्टर लगवाए और ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा भी निकाली। लेकिन इसी बीच लालचंद ने एक वीडियो बनाकर सरपंच को भेजा, जिसमें उन्होंने बताया कि वह जीवित हैं और यूपी के कोसीकलां के पास अपने रिश्तेदार के घर रह रहे हैं। इसके बाद वे गांव लौटे और पंचायत बुलाकर पूरे मामले का खुलासा किया।
पंचायत में बेटे राजेंद्र और उसके परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का ऐलान हुआ और पुलिस में शिकायत देने का फैसला लिया गया। लालचंद ने आरोप लगाया कि बेटा और बहू उनके साथ मारपीट करते थे, खाना नहीं देते थे और जमीन हड़प ली थी। जान बचाने के लिए वह घर छोड़कर चले गए थे।
गौरतलब है कि राजेंद्र खुद को ‘स्वामी राजेंद्र देव महाराज’ बताता है और पिता की ढाई एकड़ जमीन पर एक आश्रम भी बना चुका है। पहले होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले राजेंद्र ने बाद में खुद को साधु घोषित कर दिया था।
अब गांव के लोग इसे एक सुनियोजित साजिश बता रहे हैं और प्रशासन से राजेंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।