Mandi, Dharamveer
करीब 40 घंटे के लंबे इंतजार के बाद चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। मंगलवार रात 10 बजे दवाड़ा के पास भारी भूस्खलन के चलते यह मार्ग बंद हो गया था, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए थे। हाईवे खुलने के बाद फंसे यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।
एनएचएआई की मशीनों और प्रशासन की कड़ी मेहनत के बाद गुरुवार दोपहर हाईवे को एकतरफा आवाजाही के लिए खोल दिया गया। छोटे वाहनों को पहले ही वैकल्पिक मंडी-कटौला मार्ग से रवाना कर दिया गया था, जबकि बड़े वाहनों को निकालने का काम अभी भी जारी है।
एसएसपी मंडी सचिन हिरेमठ ने हाईवे बहाल होने की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि अभी भी कई स्थानों पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जिससे यात्रियों को सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रहे हैं लैंडस्लाइड, जोखिम में सफर
चार मील से औट तक हाईवे पर कई खतरनाक मोड़—जैसे कि 4 मील, 9 मील, कैंची मोड़, डयोड टनल, जोगनी मोड़, दवाड़ा और झलोगी टनल—भूस्खलन की घटनाओं से प्रभावित हैं। बुधवार सुबह जोगनी मोड़ के पास फिर से भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग सात घंटे तक अवरुद्ध रहा। इसके चलते बीती शाम ही वहां से फंसे वाहन निकल पाए।
एनएचएआई को दवाड़ा से झलोगी टनल के बीच कम से कम चार जगह लैंडस्लाइड हटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अत्यावश्यक स्थिति में ही इस मार्ग से यात्रा करें और मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें। जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक सतर्क रहना आवश्यक है।