चंडीगढ़ | हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 फ़ीसदी शुल्क लगाने के मुद्दे पर स्पष्ट कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर हाल में भारत के हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वैकल्पिक बाज़ारों की तलाश कर रही है ताकि देश के व्यापार पर कोई प्रभाव न पड़े।
मीडिया से बातचीत के दौरान विज ने भरोसा जताया कि अमेरिका की इस नीति का असर भारत पर नहीं होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री खुद इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहे हैं।
वहीं, एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक नहर) को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच जारी विवाद पर भी अनिल विज ने अपना पक्ष साफ किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भले ही कह रहे हों कि उनके पास पानी नहीं है, लेकिन यह मामला भावनाओं से नहीं बल्कि कानून और ट्रिब्यूनलों के फैसलों से तय होगा।
विज ने दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगला फैसला भी हरियाणा के हित में ही आएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में किसे कितना पानी मिलेगा, यह न तो किसी राज्य सरकार के हाथ में है और न ही कोई राज्य इसे अपने स्तर पर तय कर सकता है। इस संबंध में पहले से तय नियम और ट्रिब्यूनल के आदेश ही मान्य होंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा में एकतरफा फैसला लेकर एसवाईएल समझौते को रद्द करना और हरियाणा द्वारा खरीदी गई भूमि को डि-नोटिफाई करना, उनकी मंशा को दर्शाता है। विज ने तंज कसते हुए कहा कि जिस पंजाब की संस्कृति ‘छबील’ लगाकर लोगों को पानी पिलाने की रही है, आज वही सरकार हरियाणा के हिस्से का पानी रोक रही है।