चंडीगढ़ | पंजाब सरकार ने कारोबारियों को राहत देते हुए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए सेक्टरवार समितियों की स्थापना की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस नई पहल की शुरुआत की।
समितियों के चेयरमैन और सदस्यों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अब सत्ता पूरी तरह से कारोबारियों के हाथ में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उनके फैसलों के अनुसार ही काम करेगी और उनका समर्थन करेगी।
केजरीवाल ने बताया कि पहले पंजाब में कारोबारियों से जबरन वसूली होती थी, जिससे उद्योग धीरे-धीरे राज्य छोड़ते गए और पंजाब उद्योग के मामले में 18वें नंबर पर आ गया। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पिछले तीन वर्षों में इस व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया गया है।
अब यह ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली पीरियड’ नहीं बल्कि ‘क्रांतिकारी सिस्टम’ बनेगा, जहां कारोबारियों की आवाज़ को सीधे शासन में जगह मिलेगी। केजरीवाल ने कहा, “लोकतंत्र में जनता मालिक होती है, अब आप जो भी निर्णय लेंगे, सरकार उसी के आधार पर नीतियां बनाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी उद्योगों को बेहतर वातावरण देने और पंजाब की प्रगति के लिए काम करने का भरोसा दिलाया। यह कदम पंजाब में कारोबार को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।