चंडीगढ़ | सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा के लगभग 15,000 नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की मुश्किलों को उजागर करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि स्थायी सेवा के बावजूद इन कर्मचारियों को अस्थायी वेतन, नौकरी की असुरक्षा और महंगाई भत्ते में लंबे समय तक वृद्धि न मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
हरियाणा सरकार ने जून 2024 से एनएचएम कर्मचारियों के सेवा संबंधी नियमों को निलंबित कर दिया है, जिससे वे सेवा लाभों से वंचित हो गए हैं। लोकसभा में दीपेंद्र हुड्डा के सवालों के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने दावा किया कि हरियाणा सरकार सभी कर्मचारियों को नियमित वेतन दे रही है, लेकिन सांसद ने इसे पूरी तरह गलत बताया।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह से न्यायसंगत हैं और सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों से अपील की कि वे इन कर्मचारियों की सुरक्षा और भत्तों को सुनिश्चित करें ताकि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कोई खलल न आए।
यह मुद्दा स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।