Panchkula, 10 August
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर पारस हेल्थ ने माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Prioritize Breastfeeding, Create Sustainable Support Systems” को केंद्र में रखते हुए, अस्पताल ने समाज से स्तनपान को शीर्ष प्राथमिकता देने और माताओं के लिए स्थायी सहयोग व्यवस्था बनाने का आह्वान किया।
पारस हेल्थ की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना मित्तल ने कहा—स्तनपान केवल भोजन नहीं, यह मां और शिशु के बीच एक गहरा भावनात्मक संबंध है। शुरुआती कठिनाइयों के बावजूद यदि मां को सही मार्गदर्शन और सहयोग मिले, तो वह अपने बच्चे को जीवन की एक बेहतरीन शुरुआत दे सकती है। ब्रेस्टफीडिंग को प्राथमिकता देना, स्वस्थ पीढ़ी और मजबूत समाज की नींव रखना है।उन्होंने बताया कि स्तनपान शिशु के लिए पहला टीका है—जो प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। वहीं, मां के लिए यह प्रसव के बाद तेजी से स्वास्थ्य लाभ, वजन नियंत्रण और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक है।
चिंताजनक आँकड़े और लक्ष्य
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया में केवल 48% शिशु ही जन्म के बाद पहले छह महीने तक पूर्ण स्तनपान पा रहे हैं। संगठन का लक्ष्य है कि 2030 तक यह आँकड़ा 60% तक पहुँचे। इससे स्पष्ट है कि अभी भी माताओं के पास सही जानकारी, सहयोग और अनुकूल माहौल की कमी है।
ग्रामीण स्तर पर पहल
इस अवसर पर पारस हेल्थ ने ज़मीनी स्तर पर कार्यरत संगठनों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ साझेदारी कर हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की योजना शुरू की है। उद्देश्य है—
- माताओं में स्तनपान को लेकर आत्मविश्वास बढ़ाना
- गलत धारणाओं को दूर करना
- और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी मां अकेली महसूस न करे
सहयोग और मार्गदर्शन की जरूरत
डॉ. मित्तल के अनुसार, शुरुआती समस्याएं जैसे दूध की कमी, सही पोज़िशनिंग न समझ पाना, या सामाजिक दबाव—इन सभी से निपटने के लिए निरंतर सहयोग और सटीक जानकारी जरूरी है। पारस हेल्थ मातृ एवं नवजात देखभाल, गर्भावस्था शिक्षा और परामर्श सेवाओं के माध्यम से यह समर्थन प्रदान कर रहा है।
निष्कर्ष
स्तनपान के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना समय की मांग है। पारस हेल्थ की यह पहल दर्शाती है कि हेल्थकेयर संस्थान मातृत्व को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।