Shimla, 13 August — मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में विज्ञान, कला और खेल जैसे विशिष्ट महाविद्यालयों की स्थापना की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर नामांकित प्रत्येक बच्चे को उच्च शिक्षा तक पहुँचाना शिक्षा विभाग का लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए महाविद्यालयों और विषयों के युक्तिकरण, रोजगारोन्मुख नए विषयों की पहचान, तथा संस्थानों की ग्रेडिंग जैसे कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।उन्होंने रिक्त पदों को भरने, पाठ्यक्रम में राज्य-विशिष्ट सामग्री शामिल करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है, जिनमें आठ स्कूलों का निर्माण शुरू हो चुका है और 56 मौजूदा स्कूलों के उन्नयन पर विचार किया जा रहा है।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विद्यार्थियों के पठन कौशल में सुधार के चलते एएसईआर 2024 रिपोर्ट में राज्य का प्रदर्शन बेहतर हुआ है, जबकि एनएएस सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने संस्थानों में अनिवार्य मॉक टेस्ट, जीरो पीरियड की व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार पर भी बल दिया।बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।