अमेरिकी | अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली गुप्त बैठक ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर लिया है। यह मुलाकात फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पुतिन की किसी भी G7 नेता के साथ पहली आमने-सामने की बैठक होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक यूरोपीय देशों और यूक्रेन के लिए बेहद संवेदनशील है। बंद कमरे में होने वाले इस संवाद में पुतिन अपने प्रस्ताव पेश कर सकते हैं, जिसे अगर यूरोप और कीव ने स्वीकार कर लिया तो उसे ‘fait accompli’ यानी तयशुदा स्थिति माना जाएगा। अटलांटिक काउंसिल के वरिष्ठ निदेशक जॉन हेर्बस्ट ने इसे 1945 की याल्टा कॉन्फ्रेंस जैसी स्थितियों से जोड़ा है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट के अनुसार, यह बैठक एक “लिसनिंग एक्सरसाइज़” होगी, जिसमें ट्रंप रूसी दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करेंगे। वहीं पूर्व राष्ट्रपति सलाहकार फियोना हिल ने कहा कि ट्रंप बिना तैयारी के काम करते हैं, और पुतिन ऐसे मौके का फायदा उठा सकते हैं।
बैठक की मेज़बानी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज करेंगे, जबकि फ्रांस, इटली, पोलैंड, ब्रिटेन के प्रमुख और नाटो महासचिव भी इसमें शामिल रहेंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी कि रूस को यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कोई सौदा मंजूर न हो।
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस बैठक के परिणाम का असर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और भू-रणनीति पर लंबे समय तक रहेगा।