यमुनानगर | हरियाणा-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित हथिनी कुंड बैराज में मंगलवार दोपहर से शाम छह बजे तक अचानक जलस्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैराज गेज के अनुसार पानी का बहाव 48,789 क्यूसेक तक पहुँच गया। सुरक्षा के मद्देनज़र बैराज के सभी 18 गेट खोलकर पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया। अनुमान है कि यह पानी अगले 72 घंटों में दिल्ली पहुंचेगा, जिससे शहर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पानीपत के सनौली क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ा गया। यमुना का जलस्तर गहाड़ों में बढ़कर 229.80 मीटर तक पहुँच गया, जबकि सोमवार को यह स्तर 229.50 मीटर था। चेतावनी का निशान 231 मीटर है, जिससे अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने से पास के किसानों और ग्रामीणों में चाढ़ और खेतों में कटाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। मिट्टी डालने के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी का जलस्तर घटकर शाहाबाद में 4,000 क्यूसेक तक आ गया है, जबकि अंबाला में मारकंडा, टांगरी और घम्मर नदियों का जलस्तर सामान्य स्तर पर बना हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए और संभावित खतरे के मद्देनज़र उचित कदम उठाए जाएँ। पानी के डायवर्जन और नदी किनारे सुरक्षा प्रबंधों पर नजर बनाए रखी जा रही है।